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PATNA, 9 JULY 2026 - पति, महिला दारोगा और कथित अफेयर के बीच टूटा रिश्ता: पत्नी की मौत के मामले में जांच तेज, कई डिजिटल सबूत खंगाल रही पुलिस : बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आए एक चर्चित मामले ने रिश्तों, विश्वास और कथित मानसिक प्रताड़ना को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जाले प्रखंड के एक बीडीओ, बेगूसराय में तैनात एक महिला दारोगा और बीडीओ की पत्नी की मौत से जुड़े इस मामले की पुलिस गहन जांच कर रही है। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि पति और महिला पुलिस अधिकारी के बीच लंबे समय से कथित प्रेम संबंध थे, जिनकी वजह से उनकी बेटी लगातार मानसिक तनाव में थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि फिलहाल जांच के बाद ही हो सकेगी।

परिजनों के अनुसार, बीडीओ और महिला दारोगा की पहचान वर्ष 2020 में मुजफ्फरपुर के एक कोचिंग संस्थान में हुई थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में बीडीओ ने दिसंबर 2022 में अमृता कुमारी से प्रेम विवाह कर लिया। परिवार का दावा है कि शादी के बाद अमृता को पति और महिला दारोगा के कथित संबंधों की जानकारी मिली, जिसके बाद वैवाहिक जीवन में लगातार तनाव बना रहा।

बताया जा रहा है कि अमृता ने एक बार महिला दारोगा से फोन पर संपर्क कर उनसे अपने पति से दूरी बनाने की अपील भी की थी। लेकिन परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद कथित तौर पर दोनों के बीच संपर्क जारी रहा। इसी कारण अमृता लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थीं।

मामले का सबसे गंभीर आरोप घटना वाले दिन से जुड़ा है। परिजनों का कहना है कि बीडीओ अपनी विभागीय ट्रेनिंग के सिलसिले में पटना में थे, जबकि महिला दारोगा परीक्षा देने के लिए दरभंगा गई थीं। आरोप है कि दोनों ने अमृता से वीडियो कॉल पर बातचीत की, जिसके दौरान कथित रूप से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिवार का दावा है कि इसी तनाव के बाद अमृता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालांकि, इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि पुलिस जांच और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही हो सकेगी।

इस बीच, मृतका के परिजनों ने जांच एजेंसियों को एक पेन ड्राइव भी सौंपी है। उनके अनुसार, इसमें बीडीओ और महिला दारोगा की कथित चैट, तस्वीरें, वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री मौजूद है। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच करा रही है ताकि घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि संबंधित महिला दारोगा छुट्टी पर थीं और निर्धारित अवधि से अधिक समय तक ड्यूटी पर वापस नहीं लौटी थीं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या इसका इस मामले से कोई संबंध है।

फिलहाल पुलिस ने मामले में विभिन्न पहलुओं पर जांच तेज कर दी है। डिजिटल सबूतों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़े, तो उसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। हालांकि, इस पूरे प्रकरण में लगाए गए सभी आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।




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