PATNA (9 JULY) : बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने उत्पाद (एक्साइज) विभाग के इंस्पेक्टर अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में ईओयू की टीम ने पटना, मुंगेर और सीवान में स्थित उनके पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं। साथ ही इंस्पेक्टर अंकेश कुमार गोंड से लंबी पूछताछ भी की गई।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में सीवान में पदस्थापित उत्पाद निरीक्षक अंकेश कुमार गोंड के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी। इसके बाद एजेंसी ने उनकी आय, चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश की विस्तृत जांच की। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि उन्होंने अपनी वैध आय की तुलना में करीब 2 करोड़ 38 लाख 31 हजार रुपये की अतिरिक्त संपत्ति अर्जित की है। जांच एजेंसी के अनुसार यह संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 201.97 प्रतिशत अधिक है।
इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या 13/26, दिनांक 8 जुलाई 2026 दर्ज किया गया। मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) एवं 13(1)(बी) के तहत दर्ज किया गया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ईओयू ने विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट प्राप्त किया और एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की।
सीवान में इंस्पेक्टर अंकेश कुमार गोंड के सरकारी कार्यालय और आवास पर करीब तीन घंटे तक तलाशी अभियान चला। इस दौरान अधिकारियों ने कार्यालय और घर में मौजूद दस्तावेजों, बैंक संबंधी रिकॉर्ड, निवेश से जुड़े कागजात तथा अन्य महत्वपूर्ण फाइलों की जांच की। वहीं मुंगेर में स्थित उनके दो ठिकानों पर करीब चार घंटे तक ईओयू की टीम ने तलाशी ली। यहां से कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने अंकेश कुमार गोंड से उनकी संपत्ति, निवेश और आय के स्रोतों के संबंध में पूछताछ भी की।
जांच के दौरान ईओयू की टीम ने इंस्पेक्टर के भाई और बहन के आवास पर भी दबिश दी। हालांकि बहन का घर बंद मिला और मुख्य द्वार पर ताला लगा था। इसके बावजूद जांच प्रभावित न हो, इसके लिए वहां पुलिस बल की तैनाती कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित परिसरों की भी तलाशी ली जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, ईओयू अब जब्त किए गए दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश, अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन का विस्तृत विश्लेषण करेगी। यदि जांच में अतिरिक्त संपत्ति, बेनामी निवेश या अवैध वित्तीय लेन-देन के और साक्ष्य मिलते हैं, तो मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के मामलों में साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया का हिस्सा है। फिलहाल जांच जारी है और जब्त दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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