रांची: झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को संबोधित करते हुए सरकार की ओर से उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री ने आंदोलन के दौरान स्थिति संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों का धन्यवाद किया। साथ ही उन्होंने छात्रों से संवाद और विश्वास के जरिए समस्या का समाधान करने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा कि छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाई है। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार हर नागरिक को है और छात्रों की आवाज का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की बात सुनी है और सरकार के वरिष्ठ मंत्री लगातार छात्र प्रतिनिधियों से संवाद करते रहे हैं।
मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा
हेमंत सोरेन ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है और किसी को भी बख्शा नहीं गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करना भी है, ताकि भविष्य में किसी छात्र को परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम करना चाहती है। उन्होंने इस बदलाव में छात्रों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि झारखंड को केवल समस्याओं की चर्चा करने वाला राज्य नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान देने वाली व्यवस्था की मिसाल बनाना सरकार का प्रयास है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं और अपने मुद्दों पर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहें।
‘आप झारखंड का भविष्य हैं’
हेमंत सोरेन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वे झारखंड का भविष्य हैं। उनकी आवाज को नजरअंदाज करना सरकार का उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने अंत में एक बार फिर संवाद और विश्वास के जरिए आंदोलन से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने की अपील की। उनके इस संदेश को छात्र आंदोलन के बीच सरकार की ओर से तनाव कम करने और छात्रों को भरोसा देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार छात्रों की मांगों पर आगे क्या ठोस कदम उठाती है और आंदोलन कर रहे छात्र सरकार के इस आश्वासन पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं।
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