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पटना: बिहार सरकार ने राज्य के निर्माण श्रमिकों के लिए बड़ी पहल की है। राज्य के 42 लाख से अधिक निबंधित निर्माण श्रमिकों को अब महज ₹5 में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही रोजगार की तलाश में शहरों में आने वाले और दूसरे राज्यों से वापस लौटने वाले श्रमिकों के लिए रियायती दर पर ठहरने की सुविधा भी शुरू की जाएगी। इन दोनों योजनाओं की शुरुआत पहले चरण में पटना से होगी।

श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के अधीन बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने ‘भोजशाला योजना’ और ‘श्रमिक अतिथिशाला योजना’ के लिए निविदा जारी कर दी है। विभाग के अनुसार, अगले दो से तीन महीनों में श्रमिकों को इन योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो सकता है।

श्रमिक अतिथिशाला योजना का उद्देश्य काम की तलाश में शहर आने वाले श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक अस्थायी आवास उपलब्ध कराना है। प्रथम चरण में पटना के नौ प्रमुख स्थानों पर अतिथिशालाएं संचालित की जाएंगी। इनमें पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल एरिया, पाटलिपुत्र स्टेशन, बैरिया जीरोमाइल, आईएसबीटी-कंकड़बाग, दानापुर जंक्शन, सगुना मोड़, बिहटा कॉरिडोर, नौबतपुर और दीदारगंज शामिल हैं।

इन अतिथिशालाओं में महिला और पुरुष श्रमिकों के लिए अलग-अलग डॉरमेट्री की व्यवस्था होगी। महिला डॉरमेट्री में 50 और पुरुष डॉरमेट्री में 100 बेड उपलब्ध होंगे। श्रमिक सामान्य तौर पर यहां 7 से 10 दिनों तक ठहर सकेंगे।

श्रम संसाधन विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि दोनों योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना है। पटना में सफल शुरुआत के बाद इन सुविधाओं का विस्तार राज्य के अन्य जिलों में भी किया जाएगा।


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