मुंबई/लंदन। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता देवानंद के बेटे और अभिनेता सुनील आनंद के निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर है। रिपोर्टों के मुताबिक, 70 वर्षीय सुनील आनंद का लंदन में हार्ट अटैक के बाद निधन हो गया। सबसे भावुक करने वाली बात यह है कि उन्होंने कथित तौर पर उसी अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां वर्ष 2011 में उनके पिता देवानंद का निधन हुआ था। पिता और बेटे की जिंदगी से जुड़ा यह संयोग प्रशंसकों के लिए बेहद भावुक कर देने वाला है।
सुनील आनंद ने अपने पिता की तरह फिल्मी दुनिया में करियर बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने वर्ष 1984 में फिल्म ‘आनंद और आनंद’ से बॉलीवुड में अभिनय की शुरुआत की। इस फिल्म से उनके पिता देवानंद की भी भावनात्मक जुड़ाव था और वे चाहते थे कि उनका बेटा फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाए।
हालांकि, सुनील आनंद को अभिनय के क्षेत्र में वह सफलता नहीं मिल सकी, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। कुछ फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अभिनय से दूरी बना ली। इसके बाद वे परिवार के प्रतिष्ठित फिल्म बैनर नवकेतन फिल्म्स से जुड़े रहे।
सुनील आनंद का नाम हमेशा देवानंद के बेटे के तौर पर भी चर्चा में रहा। देवानंद हिंदी सिनेमा के उन सितारों में शामिल थे, जिनकी लोकप्रियता कई दशकों तक कायम रही। उनकी फिल्मों, अभिनय और खास अंदाज ने उन्हें भारतीय सिनेमा में अलग मुकाम दिया।
वर्ष 2011 में देवानंद का लंदन में निधन हुआ था। अब करीब डेढ़ दशक बाद उनके बेटे सुनील आनंद की भी उसी शहर और उसी अस्पताल से जुड़ी अंतिम विदाई की खबर सामने आई है। इस संयोग ने देवानंद परिवार से जुड़ी पुरानी यादों को एक बार फिर ताजा कर दिया है।
सुनील आनंद के निधन की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रशंसक उन्हें और देवानंद को याद कर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। फिल्म जगत से जुड़े लोगों और सिनेमा प्रेमियों के बीच उनके निधन को लेकर शोक की भावना है।
सुनील आनंद भले ही अपने पिता की तरह बड़े फिल्म स्टार नहीं बन सके, लेकिन देवानंद जैसे महान अभिनेता के बेटे के रूप में उनकी पहचान हमेशा हिंदी सिनेमा के इतिहास से जुड़ी रहेगी। पिता और बेटे की जिंदगी का यह भावुक संयोग उनकी कहानी को सिनेमा प्रेमियों की स्मृतियों में लंबे समय तक बनाए रखेगा।
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