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नई दिल्ली। पेटीएम यूजर्स के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली हाईकोर्ट ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) को बंद करने और उसकी परिसमापन प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है। इसके लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के पूर्व अधिकारी गिरिकुमार एम. नायर को आधिकारिक परिसमापक (लिक्विडेटर) नियुक्त किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट की वेबसाइट पर 22 जुलाई 2026 सहित जुलाई में कई फैसलों की प्रविष्टियां दर्ज हैं।

हालांकि, पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बंद होने का मतलब यह नहीं है कि पेटीएम ऐप भी बंद हो जाएगा। पेटीएम ऐप और पेटीएम पेमेंट्स बैंक अब अलग-अलग कारोबार के रूप में काम करते हैं। ऐसे में पेटीएम के जरिए UPI भुगतान, QR कोड से पेमेंट, मोबाइल रिचार्ज, बिल भुगतान और अन्य डिजिटल भुगतान सेवाएं सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं। खासकर वे ग्राहक जिनका UPI किसी दूसरे बैंक खाते से जुड़ा है, उन्हें इस आदेश से सीधे तौर पर परेशान होने की जरूरत नहीं है।

जमा पैसे का क्या होगा?

जिन ग्राहकों का पैसा पेटीएम पेमेंट्स बैंक में जमा था, उनके लिए सबसे अहम सवाल उनके पैसे की सुरक्षा का है। परिसमापन प्रक्रिया के दौरान बैंक की संपत्तियों और देनदारियों का निपटारा किया जाएगा। यदि किसी ग्राहक की जमा राशि या कोई वैध बकाया अभी लंबित है, तो उसका निपटान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

ग्राहकों को सलाह है कि वे अपने पेटीएम पेमेंट्स बैंक खाते से जुड़े स्टेटमेंट, लेनदेन का रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात सुरक्षित रखें। आगे लिक्विडेटर या संबंधित नियामकीय प्राधिकरण की ओर से दावों को लेकर जो प्रक्रिया और समय-सीमा जारी की जाए, उस पर नजर रखना जरूरी होगा।

लिक्विडेटर संभालेंगे बैंक का काम

अदालत के आदेश के बाद परिसमापक बैंक के संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालेंगे। इसमें बैंक की संपत्तियों का प्रबंधन, देनदारियों का निपटारा और परिसमापन से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया शामिल है। यानी अब PPBL को सामान्य बैंकिंग कारोबार के रूप में आगे चलाने के बजाय उसकी परिसंपत्तियों और दायित्वों को कानूनी प्रक्रिया के तहत समेटा जाएगा।

UPI यूजर्स को क्या करना चाहिए?

अगर किसी ग्राहक का UPI किसी अन्य बैंक खाते से जुड़ा है, तो उसे इस आदेश से सीधे कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, जिन ग्राहकों का UPI या दूसरी बैंकिंग सुविधा अभी भी पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पुराने खाते से जुड़ी दिखाई दे रही है, उन्हें उपलब्ध विकल्प के अनुसार किसी सक्रिय बैंक खाते को लिंक करना चाहिए।

पेटीएम से जुड़े पुराने वॉलेट और FASTag सेवाओं पर पहले ही नियामकीय बदलावों का असर पड़ चुका था। यदि इनसे संबंधित कोई वैध बकाया या लंबित दावा है, तो उसका निपटारा भी संबंधित परिसमापन प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।

कुल मिलाकर, पेटीएम पेमेंट्स बैंक का बंद होना और पेटीएम ऐप का बंद होना दो अलग-अलग बातें हैं। आम यूजर्स के लिए पेटीएम की डिजिटल भुगतान सेवाएं जारी रहने की उम्मीद है, जबकि PPBL से जुड़ी बैंकिंग गतिविधियां परिसमापन प्रक्रिया के तहत समाप्त होंगी।


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