बख्तियारपुर। पुरानी बाइपास स्थित बाइक पार्ट्स की दुकान सह आवास में शनिवार शाम लगी भीषण आग ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में सास गीता देवी और उनकी बहू रीमा देवी की झुलसकर मौत हो गई। रविवार को दोनों की अर्थी एक साथ उठी तो पूरे इलाके में मातम छा गया।
रानीसराय घाट पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। रीमा देवी को उनके पति पंकज कुमार और दस वर्षीय बेटे प्रतीक ने मुखाग्नि दी। मां को अंतिम विदाई देते समय बेटे और पिता की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। वहीं, गीता देवी को उनके भाई पप्पू कुमार ने मुखाग्नि दी।
हादसे के बाद पंकज कुमार पूरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने एक ही हादसे में अपनी मां और पत्नी को खो दिया। दस वर्षीय प्रतीक भी इस दर्दनाक घटना से सदमे में है।
आग लगने के दौरान घर की छत पर शिवचर्चा समाप्त होने के बाद करीब आठ-दस महिलाएं बैठी थीं। अचानक आग की लपटें और धुआं उठने लगा। महिलाएं मदद के लिए चीखने लगीं। इसी बीच हिमांशु, धीरज, छोटू और मुन्ना ने अपनी जान की परवाह किए बिना आग के बीच पहुंचकर कई लोगों की जान बचाने का प्रयास किया।
शनिवार तक जिस घर में भक्ति के गीत गूंज रहे थे, रविवार को वहीं से सास-बहू की दो अर्थियां उठीं। घाट पर एक साथ जलती दोनों चिताओं का दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। एक ही रात में पूरा परिवार गहरे सदमे में डूब गया।
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