पूर्णिया/नई दिल्ली: राम मंदिर चंदा मामले को लेकर संसद परिसर में हुए सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के बाद पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। भगवा वस्त्र पहनकर विरोध प्रदर्शन करने और उसके बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पप्पू यादव ने स्पष्ट कहा कि उनका विरोध किसी धर्म, भगवान राम या सनातन परंपरा के खिलाफ नहीं है, बल्कि कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ है।
पप्पू यादव ने सवाल उठाते हुए कहा, "क्या मैं सनातनी नहीं हूं? क्या मुझे भगवा पहनने का अधिकार नहीं है?" उन्होंने कहा कि कुछ लोग भगवा वस्त्र का इस्तेमाल अपनी छवि बचाने के लिए करते हैं, जबकि वह भगवा पहनकर सनातन धर्म की रक्षा और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, धर्म के नाम पर यदि किसी प्रकार की आर्थिक अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
सांसद ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों लोगों ने श्रद्धा के साथ चंदा दिया था। ऐसे में यदि चंदे के उपयोग को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो पूरे मामले की पारदर्शी जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय और गोविंद देव गिरी से पूछताछ की जाए तथा पूरे मामले की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान या सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए।
अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि वह कानूनी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी एफआईआर से नहीं डरते, तो पप्पू यादव कैसे डर जाएगा?" उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वह अपने रुख से पीछे हटने वाले नहीं हैं।
इस दौरान पप्पू यादव ने दावा किया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके परिवार और बच्चों तक को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे वह गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "मैं खीरा और ककड़ी नहीं हूं कि कोई मुझे काट देगा। मैं आज शाम दिल्ली पहुंच रहा हूं, जिसे जो करना है कर ले।" उन्होंने कहा कि डराने-धमकाने की राजनीति से वह पीछे हटने वाले नहीं हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा लगातार उठा रहा है। इसी क्रम में संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने एक सांकेतिक नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर शामिल हुए। इस प्रदर्शन के बाद कई संत संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने इसे सनातन धर्म और भगवा परंपरा का अपमान बताते हुए विरोध दर्ज कराया।
इसी मामले में वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव, अवधेश प्रसाद सहित कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी धर्म का अपमान करना नहीं, बल्कि कथित वित्तीय अनियमितताओं पर जवाबदेही तय कराना है। अब यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
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