दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड अंतर्गत 'सैनिकों का गांव' के नाम से प्रसिद्ध हरिहरपुर ने एक बार फिर पूरे मिथिला का गौरव बढ़ाया है। गांव के युवा निखिल कुमार झा भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर नियुक्त हुए हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार और गांव में खुशी की लहर है, बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र में गर्व का माहौल है।
निखिल कुमार झा स्वर्गीय मनोहर झा के पौत्र तथा विजय कुमार झा के पुत्र हैं। बचपन से ही मेधावी और अनुशासित रहे निखिल ने अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के बल पर भारतीय सेना की प्रतिष्ठित मेडिकल सेवा में यह महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है।
वर्ष 2021 में उनका चयन देश के प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज (AFMC), पुणे में हुआ था। यहां उन्होंने पांच वर्षों तक कठिन मेडिकल शिक्षा और सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्ष 2026 में सफलतापूर्वक अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने आर्मी मेडिकल कोर जॉइन किया। इसके साथ ही उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर नियुक्ति मिली।
सेवा की पहली पोस्टिंग के लिए निखिल कुमार झा को चंडीगढ़ भेजा गया है, जहां वे सेना के जवानों और उनके परिवारों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करेंगे। उनकी इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि समर्पण, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
हरिहरपुर गांव लंबे समय से देश सेवा की अपनी गौरवशाली परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां से बड़ी संख्या में युवा भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। निखिल कुमार झा की उपलब्धि ने इस परंपरा को और मजबूत किया है तथा गांव के युवाओं के लिए नई प्रेरणा प्रस्तुत की है।
निखिल की इस उपलब्धि पर परिवार, ग्रामीणों और शुभचिंतकों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सफलता केवल हरिहरपुर की नहीं, बल्कि पूरे दरभंगा और मिथिला के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
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