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दरभंगा। एक प्रेम कहानी, जो कभी सिविल सेवा की तैयारी के दौरान शुरू हुई थी, आज एक संदिग्ध मौत, हत्या के आरोप और पुलिस जांच के केंद्र में है। दरभंगा के जाले प्रखंड के बीडीओ मनोज कुमार, उनकी पत्नी अमृता और लेडी सब-इंस्पेक्टर अन्नू कुमारी का मामला पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अमृता की मौत के बाद उसके परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि शादी के कुछ वर्षों बाद मनोज कुमार का अमृता की करीबी सहेली अन्नू कुमारी से प्रेम संबंध हो गया। जब अमृता ने इसका विरोध किया तो उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की गई। अंततः उसकी मौत हो गई। मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

भाई का आरोप- 'अगर बहन सहेली से नहीं मिलवाती तो आज जिंदा होती'

अमृता के भाई राजकुमार का दर्द साफ झलकता है। उनका आरोप है कि उनकी बहन ने जिस सहेली से अपने पति का परिचय कराया, वही परिचय उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गया।

राजकुमार कहते हैं, "मेरी बहन को कभी अंदाजा नहीं था कि उसकी सबसे करीबी दोस्त ही उसकी शादीशुदा जिंदगी में दरार की वजह बनेगी। अगर वह मुलाकात नहीं हुई होती तो शायद मेरी बहन आज हमारे बीच होती।"

हालांकि, यह परिवार का आरोप है। इसकी पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।



कॉलेज में हुई दोस्ती, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान मिला जीवनसाथी

अमृता पढ़ाई में मेधावी छात्रा थी। उसने मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। वहीं उसकी दोस्ती सीतामढ़ी निवासी अन्नू कुमारी से हुई। दोनों साथ पढ़ती थीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती थीं और एक-दूसरे के घर भी आती-जाती थीं।

इसी दौरान अमृता की मुलाकात मनोज कुमार से हुई, जो सिविल सेवा की तैयारी कर रहे थे। बातचीत दोस्ती में बदली और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। कई वर्षों तक दोनों का रिश्ता चला। परिवार की सहमति मिलने के बाद वर्ष 2020 में दोनों ने कोर्ट मैरिज कर ली।

दो साल बाद सामाजिक रीति-रिवाज से हुई शादी

कोर्ट मैरिज के लगभग दो साल बाद दोनों परिवारों ने सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह कराने का निर्णय लिया। 9 दिसंबर 2022 को धूमधाम से शादी हुई। परिवार को उम्मीद थी कि अब दोनों नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।

लेकिन परिजनों के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद ही अमृता के व्यवहार में बदलाव दिखने लगा। वह उदास रहने लगी। उसने अपने भाई और परिवार को बताया कि मनोज का व्यवहार पहले जैसा नहीं रहा। वह अक्सर मोबाइल में व्यस्त रहता, देर तक बाहर रहता और छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाता था।

कैसे बढ़ीं मनोज और अन्नू की नजदीकियां?

राजकुमार का आरोप है कि कॉलेज के दिनों में अमृता ने ही मनोज का परिचय अपनी सबसे करीबी सहेली अन्नू से कराया था। शुरुआत सामान्य परिचय से हुई, लेकिन बाद में दोनों के बीच लगातार बातचीत शुरू हो गई।

परिवार का दावा है कि मनोज ने अन्नू का मोबाइल नंबर लिया और फिर फोन कॉल, मैसेज और वीडियो कॉल का सिलसिला बढ़ता गया। उस समय अमृता को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी।



नौकरी के बाद और बढ़ा संपर्क

परिवार के अनुसार, वर्ष 2019 में मनोज कुमार का चयन ऑडिटर के पद पर हुआ और ट्रेनिंग के लिए वे बेगूसराय चले गए। इसी बीच अन्नू कुमारी का चयन बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के रूप में हुआ। 2021 बैच की अधिकारी के तौर पर उन्होंने राजगीर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण लिया।

पुलिस जांच में सामने आए शुरुआती तथ्यों के अनुसार, प्रशिक्षण अवधि के दौरान मनोज कई बार राजगीर गया। जांच एजेंसियों को मोबाइल कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय तक लगातार संपर्क बना रहा।

प्रशिक्षण के बाद अन्नू की पहली पोस्टिंग बेगूसराय के मटिहानी थाने में हुई। उसी समय मनोज भी बेगूसराय में पदस्थापित था। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे दोनों के मिलने-जुलने के अवसर बढ़े।

पत्नी ने जताई थी आशंका

परिजनों का कहना है कि अमृता ने कई बार बताया था कि मनोज किसी दूसरी महिला से लगातार बात करता है। जब उसने इस बारे में सवाल किए तो विवाद बढ़ने लगा। परिवार का आरोप है कि इसके बाद उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना भी होने लगी।

राजकुमार का कहना है कि उनकी बहन ने कई बार फोन पर अपनी पीड़ा साझा की थी, लेकिन परिवार को उम्मीद थी कि समय के साथ रिश्ते सुधर जाएंगे।

गंभीर आरोप, जांच जारी

अमृता की मौत के बाद उसके मायके वालों ने मनोज कुमार, उसके परिवार और अन्नू कुमारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, कॉल डिटेल, चैट और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

अब तक जांच एजेंसियों ने कुछ डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात कही है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही निकाला जाएगा।

सवालों के घेरे में तीन जिंदगियां

यह मामला सिर्फ एक वैवाहिक विवाद नहीं रह गया है। इसमें एक बीडीओ, एक महिला पुलिस अधिकारी और एक युवती की मौत शामिल होने के कारण पूरे बिहार की नजर इस जांच पर है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह मामला केवल वैवाहिक विवाद और कथित प्रेम संबंध का परिणाम है, या इसके पीछे कोई और वजह भी है? इसका जवाब पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

फिलहाल, अमृता का परिवार इंसाफ की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही इस चर्चित मामले की सच्चाई सामने लाएगी।


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