New Delhi : इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का निराशाजनक प्रदर्शन आखिरी टी20 मुकाबले में भी जारी रहा। युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को अंतिम मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने का फैसला टीम प्रबंधन के लिए भी फायदेमंद साबित नहीं हुआ। टीम इंडिया को उम्मीद थी कि बदली हुई संयोजन के साथ प्रदर्शन बेहतर होगा, लेकिन बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम बुरी तरह पिछड़ गई। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 257 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए 56 रन से मुकाबला हार गई।
इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों पर शुरुआत से ही दबाव बना दिया। सलामी बल्लेबाजों ने तेज शुरुआत दिलाई और बीच के ओवरों में भी रनगति कम नहीं होने दी। भारतीय गेंदबाज लगातार सही लाइन और लेंथ हासिल करने में नाकाम रहे, जिसका फायदा इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने जमकर उठाया। बड़े-बड़े शॉट्स की बदौलत मेजबान टीम ने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा कर दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से दबाव बढ़ गया। कुछ बल्लेबाजों ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन कोई भी पारी को अंत तक नहीं ले जा सका। नतीजा यह रहा कि टीम लक्ष्य से काफी दूर रह गई और सीरीज का समापन भी हार के साथ हुआ।
इस मुकाबले के बाद वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने के फैसले पर भी चर्चा तेज हो गई है। क्रिकेट प्रशंसकों का मानना है कि युवा खिलाड़ी को मौका नहीं देना टीम प्रबंधन की रणनीति पर सवाल खड़े करता है। हालांकि हार की वजह केवल एक बदलाव नहीं रही, बल्कि गेंदबाजी, बल्लेबाजी और मैदान पर टीम का समग्र प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। भारत को पूरी सीरीज में कई क्षेत्रों में सुधार की जरूरत महसूस हुई, जबकि इंग्लैंड ने हर विभाग में बेहतर खेल दिखाकर सीरीज पर पूरी तरह अपना दबदबा कायम रखा।
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