नई दिल्ली: भारत में डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। देश के औषधि नियामक ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने भारत में पहली बार डेंगू वैक्सीन के उपयोग को मंजूरी दे दी है। इस वैक्सीन का नाम क्यूडेंगा (Qdenga) है, जिसे जापान की दवा कंपनी टाकेदा ने विकसित किया है। यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों के लिए स्वीकृत की गई है और विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश में डेंगू के बढ़ते मामलों पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
क्यूडेंगा एक लाइव-एटेन्यूएटेड (कमजोर किए गए वायरस पर आधारित) वैक्सीन है। इसे लेने के लिए किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हुआ है या नहीं, इसकी जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यानी यह वैक्सीन उन लोगों को भी लगाई जा सकती है जिन्हें पहले कभी डेंगू नहीं हुआ है और उन लोगों को भी जिन्हें पहले संक्रमण हो चुका है।
इस वैक्सीन की दो डोज दी जाएंगी। प्रत्येक डोज 0.5 मिलीलीटर की होगी और इसे त्वचा के नीचे (सबक्यूटेनियस) लगाया जाएगा। दोनों डोज के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाएगा। हालांकि भारत में इसकी कीमत और उपलब्धता को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी एक डोज की कीमत लगभग 3,300 से 6,500 रुपये के बीच बताई जाती है।
क्लिनिकल अध्ययनों के अनुसार, यह वैक्सीन डेंगू संक्रमण के खिलाफ करीब 80.2 प्रतिशत तक प्रभावी पाई गई है। वहीं गंभीर डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को 84.1 से 90.4 प्रतिशत तक कम करने में सक्षम बताई गई है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे डेंगू नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
डेंगू मच्छरों के माध्यम से फैलने वाला वायरल रोग है, जो हर वर्ष भारत समेत दुनिया के कई देशों में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। भारत भी उन देशों में शामिल है जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज सामने आते हैं, विशेषकर मानसून और उसके बाद के महीनों में।
क्यूडेंगा को वर्ष 2022 से अब तक दुनिया के 40 से अधिक देशों में मंजूरी मिल चुकी है और करोड़ों लोगों को यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है। भारत में इसकी मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर डेंगू से बचाव की रणनीति और मजबूत होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन डेंगू से सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन इसके साथ-साथ मच्छरों की रोकथाम, साफ-सफाई, घरों के आसपास पानी जमा न होने देना, पूरी बाजू के कपड़े पहनना और मच्छररोधी उपाय अपनाना भी उतना ही जरूरी रहेगा। सरकार की ओर से वैक्सीन की उपलब्धता, वितरण और मूल्य को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाने की संभावना है।
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