पटना/आरा/सीवान: बिहार में मानसून के दौरान हो रही लगातार बारिश के बीच ठनका (आकाशीय बिजली) गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो रही हैं। सोमवार को आरा और सीवान जिले में अलग-अलग स्थानों पर ठनका गिरने से कुल छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में किसान, जनप्रतिनिधि, छात्रा और खेत में काम कर रहे मजदूर शामिल हैं। हादसों के बाद प्रभावित गांवों में मातम पसरा है, जबकि प्रशासन ने घटनास्थलों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
आरा जिले के भोजपुर में सबसे दर्दनाक घटना बड़सांव पंचायत में हुई, जहां पंचायत के वार्ड सदस्य 51 वर्षीय भिखारी यादव खेत में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक तेज बारिश के साथ ठनका गिरा और वे उसकी चपेट में आ गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वार्ड सदस्य की असामयिक मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
आरा के ही पीरो क्षेत्र में खेत में काम कर रहे किसान जमींदार सिंह पर भी ठनका गिर गया। ग्रामीणों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं गड़हनी प्रखंड में वीर पार्टी-1 की छात्रा नंदनी कुमारी की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। छात्रा की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में मातमी माहौल बन गया।
इसी जिले के चरपोखरी प्रखंड में खेत में काम कर रहे 30 वर्षीय गोविंद कुमार भी ठनका की चपेट में आ गए। गोविंद कुमार खराटी गांव निवासी कामता सिंह के पुत्र बताए जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश शुरू होते ही लोग सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे, लेकिन इससे पहले ही तेज गर्जना के साथ ठनका गिरा और गोविंद कुमार की मौके पर ही मौत हो गई।
उधर, सीवान जिले में भी ठनका गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान चली गई। पहली घटना जीरादेई प्रखंड की चंदैली-गंगौली पंचायत के गंगौली गांव में हुई, जहां सोमवार को ठनका गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। दूसरी घटना असांव थाना क्षेत्र के अकपुर पंचायत अंतर्गत चटेला गांव की है। यहां खेत में काम कर रहे एक वृद्ध व्यक्ति पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर बारिश के मौसम में आकाशीय बिजली के खतरे को उजागर कर दिया है। मौसम विभाग पहले ही लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह देता रहा है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें।
इन हादसों के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय प्रशासन ने सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लगातार बढ़ रही ठनका गिरने की घटनाओं ने ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है, जहां बड़ी संख्या में लोग खेती और मजदूरी के लिए खुले खेतों में काम करते हैं।
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