हल्द्वानी: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड के हल्द्वानी में एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज होने का मामला सामने आया है। एक दलित युवक की शिकायत के आधार पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी की ओर से हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण यज्ञ को दलित विरोधी बताए जाने से अनुसूचित जाति वर्ग की भावनाएं आहत हुईं।
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता अमित कुमार ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की संबंधित धाराओं के साथ एससी/एसटी एक्ट, 1989 की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज कराने की मांग की थी। शिकायत में राहुल गांधी के बयान को सामाजिक तनाव और अनुसूचित वर्ग के प्रति आपत्तिजनक बताया गया है।
क्या है पूरा विवाद?
दरअसल, यह विवाद 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की एक रैली के बाद शुरू हुआ। रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद एक हिंदूवादी संगठन की ओर से मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ किया गया। संगठन की ओर से दावा किया गया कि रैली के बाद मैदान में गंदगी और कुछ आपत्तिजनक नारे लगाए जाने की शिकायतें सामने आई थीं। इसी के बाद यज्ञ का आयोजन किया गया।
घटना पर राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई और इसे दलित विरोधी कार्रवाई बताया। कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को मल्लिकार्जुन खड़गे की सामाजिक पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए भाजपा और हिंदूवादी संगठनों पर सवाल उठाए।
अब इसी बयान को लेकर हल्द्वानी में राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी शिकायत और एफआईआर ने राजनीतिक विवाद को नया मोड़ दे दिया है। मामले में पुलिस की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
आप भी अपने गांव की समस्या घटना से जुड़ी खबरें हमें 7870192482 पर भेज सकते हैं...

