नई दिल्ली। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर देश में जारी बहस के बीच ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यूसीसी लागू करने से कोई फायदा नहीं होगा और उनकी पार्टी इसे अदालत में चुनौती देगी।
अजमल ने कहा कि "इससे कुछ नहीं होने वाला। जो लोग इसे लागू कर रहे हैं, वे सच्चे हिंदू नहीं हैं। उन्हें हिंदुत्व की सही समझ नहीं है।" उन्होंने दावा किया कि समान नागरिक संहिता केवल इस्लाम ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म, ईसाई और पारसी समुदाय की मान्यताओं के भी खिलाफ है।
AIUDF प्रमुख ने कहा कि यदि यूसीसी लागू की जाती है तो उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका से ही उन्हें उम्मीद है और कानूनी लड़ाई के जरिए इस कानून को चुनौती दी जाएगी।
गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। एक पक्ष इसे सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने की दिशा में बड़ा कदम मानता है, जबकि कई राजनीतिक दल और धार्मिक संगठन इसे विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों और धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बता रहे हैं।
बदरुद्दीन अजमल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब यूसीसी को लेकर विभिन्न राज्यों और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर कानूनी और राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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