नई दिल्ली। प्रतिभा, मेहनत और लगातार सीखने की ललक इंसान को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। इसका ताजा उदाहरण हैं प्रिया झा चौधरी, जिन्हें देश की अग्रणी आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) ने अपनी AI Native Business and Platforms यूनिट का चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (CHRO) नियुक्त किया है। इस उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें "मिथिला की बेटी" बताते हुए लोग गर्व जता रहे हैं। हालांकि, उनके पैतृक गांव या जिले की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
प्रिया झा चौधरी की सफलता का सफर शिक्षा और कड़ी मेहनत का शानदार उदाहरण है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून (LLB) की पढ़ाई की। इसके बाद दुनिया के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) से एलएलएम (LLM) की डिग्री प्राप्त की। यहीं नहीं, उन्होंने नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट में भी विशेषज्ञता हासिल की। अलग-अलग क्षेत्रों में उच्च शिक्षा ने उन्हें कॉर्पोरेट जगत की चुनौतियों के लिए तैयार किया।
प्रिया के पास मानव संसाधन (HR) क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने Capgemini, Kanbay और eQubes Consulting जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं। विप्रो से जुड़ने के बाद भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया। हाल तक वह कंपनी के Enterprise Applications Global Service Line की एचआर प्रमुख थीं और अब उन्हें कंपनी के सबसे महत्वाकांक्षी एआई बिजनेस की मानव संसाधन प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नई भूमिका में प्रिया झा चौधरी विप्रो की एआई आधारित बिजनेस यूनिट के लिए प्रतिभाओं की भर्ती, नेतृत्व विकास, कर्मचारी अनुभव, संगठनात्मक बदलाव और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कार्यबल तैयार करने का काम करेंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते दौर में यह जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है और कंपनी को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
प्रिया का मानना है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए लगातार सीखते रहना और बदलाव को स्वीकार करना सबसे जरूरी है। उन्होंने कानून की पढ़ाई से शुरुआत की, फिर मानव संसाधन प्रबंधन में विशेषज्ञता हासिल की और आज दुनिया की अग्रणी टेक कंपनियों में से एक के एआई बिजनेस का नेतृत्व कर रही हैं। उनकी यह यात्रा बताती है कि सही दिशा, मेहनत और सीखने की इच्छा किसी भी व्यक्ति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला सकती है।
प्रिया झा चौधरी की उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार या कंपनी की नहीं, बल्कि पूरे देश और खासकर बिहार-मिथिला क्षेत्र के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है। उनकी सफलता लाखों युवाओं, खासकर छात्राओं और पेशेवर महिलाओं के लिए प्रेरणा है कि सीमाएं केवल सोच में होती हैं। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो दुनिया के सबसे बड़े मंच पर भी अपनी अलग पहचान बनाई जा सकती है।
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