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पटना। बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस प्रतिष्ठित सीट से अपने पुराने और भरोसेमंद संगठनात्मक कार्यकर्ता अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ ‘बंटी’ को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर मैदान में हैं। ऐसे में यह चुनाव केवल दो प्रत्याशियों के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि भाजपा के मजबूत संगठन और प्रशांत किशोर की नई राजनीतिक रणनीति के बीच सीधी टक्कर के रूप में देखा जा रहा है।

भाजपा प्रत्याशी अभिषेक कुमार ‘बंटी’ करीब 26 वर्षों से पार्टी संगठन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और बूथ स्तर पर कार्यकर्ता के रूप में काम करते हुए संगठन में लगातार जिम्मेदारियां संभालीं। मंडल महामंत्री, मंडल अध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा पटना महानगर अध्यक्ष और वर्तमान में भाजयुमो बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके बंटी को पार्टी का जमीनी और समर्पित चेहरा माना जाता है। लंबे समय तक उन्होंने पूर्व विधायक और वर्तमान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के चुनावी प्रबंधन में भी अहम भूमिका निभाई।



शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो अभिषेक कुमार ‘बंटी’ मैट्रिक (10वीं पास) हैं। हालांकि, पार्टी का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी संगठनात्मक पकड़ और वर्षों का राजनीतिक अनुभव है। भाजपा ने इसी भरोसे के साथ उन्हें बांकीपुर जैसे अहम सीट से उम्मीदवार बनाया है।

चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के अनुसार, 41 वर्षीय अभिषेक कुमार के नाम पर कोई अचल संपत्ति नहीं है। उनके पास न खुद का मकान है, न कृषि भूमि और न ही कोई व्यावसायिक संपत्ति। उन्होंने अपनी कुल चल संपत्ति करीब 19.60 लाख रुपये घोषित की है। इसमें 11 ग्राम सोने की अंगूठी और चेन भी शामिल हैं। उनके पास वर्ष 2018 मॉडल की एक होंडा कार और एक मोटरसाइकिल है, जबकि उनकी पत्नी के नाम पर कोई वाहन दर्ज नहीं है।

हलफनामे में यह भी उल्लेख किया गया है कि अभिषेक कुमार पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र का लगभग 10 लाख रुपये का ऋण बकाया है। उन्होंने अपनी वार्षिक आय लगभग 4.98 लाख रुपये बताई है, जो उनके व्यापार से होने वाली कमाई है। उनका निवास पटना के वेस्ट आनंदपुरी स्थित मंदिर मार्ग में है।

राजनीतिक दृष्टि से बांकीपुर सीट भाजपा के लिए बेहद अहम मानी जाती है। यह सीट वर्षों से भाजपा का गढ़ रही है और पूर्व विधायक नितिन नवीन लगातार पांच बार यहां से जीत दर्ज कर चुके हैं। उनके राज्यसभा जाने के बाद यह सीट खाली हुई, जिसके बाद पार्टी ने संगठन में लंबे समय से सक्रिय अभिषेक ‘बंटी’ पर भरोसा जताया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस उपचुनाव के नतीजे का असर सिर्फ बांकीपुर तक सीमित नहीं रहेगा। यदि अभिषेक कुमार जीत दर्ज करते हैं तो इसे भाजपा के संगठन और नितिन नवीन की मजबूत राजनीतिक पकड़ की पुष्टि माना जाएगा। वहीं, अगर प्रशांत किशोर इस सीट पर जीत हासिल करते हैं तो यह बिहार की राजनीति में जन सुराज के लिए बड़ी सफलता और भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश होगा। ऐसे में बांकीपुर का यह उपचुनाव पूरे राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाले मुकाबलों में से एक माना जा रहा है।


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