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पटना। बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में एक सरकारी इंजीनियर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सासाराम में तैनात लघु सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अरविंद कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज करने के बाद आर्थिक अपराध इकाई ने गुरुवार को उनके कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच एजेंसी की कार्रवाई दानापुर, सासाराम, डेहरी, मुजफ्फरपुर और बांका समेत छह स्थानों पर हुई।

ईओयू की शुरुआती जांच में अरविंद कुमार चौधरी की संपत्ति उनकी ज्ञात वैध आय की तुलना में काफी अधिक पाई गई है। जांच के अनुसार, उनकी संपत्ति वैध आय से करीब 85.05 प्रतिशत अधिक है। ईओयू ने उनके खिलाफ लगभग 1.20 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी अब संपत्ति के स्रोत और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल कर रही है।

12 साल की नौकरी में करीब 10 करोड़ की संपत्ति

जांच में सामने आया है कि करीब 12 साल की सरकारी सेवा के दौरान अरविंद कुमार चौधरी ने लगभग 10 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अर्जित की। आरोप है कि इंजीनियर के पद पर रहते हुए उन्होंने कथित तौर पर रिश्वत की रकम को अपने सास-ससुर के खातों में जमा कराया। जांच एजेंसी को कई बैंक खातों और निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं।

छापेमारी के दौरान जांच टीम को नौ लाख रुपये से अधिक नकद, करीब आधा किलो सोने के आभूषण, 21 बैंक खाते, 17 बीमा पॉलिसियां, एफडी, दो फ्लैट, जमीन के दस्तावेज और अन्य निवेश से संबंधित कागजात मिले। ईओयू इन सभी संपत्तियों और दस्तावेजों का मूल्यांकन कर रही है।

दानापुर में दो फ्लैट, बांका और भागलपुर में जमीन

ईओयू की जांच में दानापुर के आशोपुर में दो फ्लैट, भागलपुर में जमीन तथा बांका और दानापुर में अन्य संपत्तियां मिलने की बात सामने आई है। इसके अलावा इंजीनियर की पत्नी मेहा रानी के नाम पर भी संपत्ति होने की जानकारी जांच टीम को मिली है।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए धन कहां से आया। बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, एफडी और जमीन-जायदाद से जुड़े दस्तावेजों की जांच के जरिए कथित आय से अधिक संपत्ति के पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है।

बैंक लॉकर की भी होगी तलाशी

ईओयू की कार्रवाई में बैंक लॉकर का भी पता चला है। कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद बैंक लॉकर की तलाशी ली जाएगी। एजेंसी को आशंका है कि लॉकर में भी महत्वपूर्ण दस्तावेज, आभूषण या अन्य कीमती सामान हो सकते हैं।

फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई की जांच जारी है। बरामद नकदी, सोने के आभूषण, बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों और संपत्तियों का मूल्यांकन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इंजीनियर की कुल संपत्ति कितनी है और उसमें से कितनी संपत्ति उनकी घोषित एवं वैध आय के अनुरूप है।


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