मुंबई। हिंदी सिनेमा के इतिहास में जब भी सुपरस्टार का जिक्र होता है, सबसे पहला नाम राजेश खन्ना का आता है। उन्हें बॉलीवुड का पहला सुपरस्टार कहा जाता है। अपनी मुस्कान, अनोखे अंदाज, दमदार अभिनय और लगातार सुपरहिट फिल्मों के दम पर उन्होंने एक ऐसा दौर बनाया, जिसे आज भी भारतीय सिनेमा का स्वर्णिम अध्याय माना जाता है। उनकी पुण्यतिथि पर देशभर में प्रशंसक उन्हें याद कर रहे हैं और उनकी फिल्मों के यादगार किरदार एक बार फिर चर्चा में हैं।
राजेश खन्ना ने सिर्फ फिल्मों में अभिनय नहीं किया, बल्कि एक ऐसा स्टारडम देखा जिसे भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने पहले कभी नहीं देखा था। उनकी एक झलक पाने के लिए हजारों प्रशंसक घंटों इंतजार करते थे। उनके नाम से चिट्ठियां लिखी जाती थीं और उनकी फिल्मों के गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
'आराधना' से शुरू हुआ सुपरस्टार बनने का सफर
साल 1969 में रिलीज हुई 'आराधना' ने राजेश खन्ना की किस्मत बदल दी। इस फिल्म में उन्होंने दोहरी भूमिका निभाई और अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। फिल्म के गीत "मेरे सपनों की रानी" और "रूप तेरा मस्ताना" आज भी सदाबहार गीतों में गिने जाते हैं। इसी फिल्म ने उन्हें रातों-रात देश का सबसे बड़ा फिल्मी सितारा बना दिया।
'आनंद' ने सिखाया जिंदगी जीने का नजरिया
1971 में आई फिल्म 'आनंद' राजेश खन्ना के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में शामिल है। इसमें उन्होंने एक ऐसे गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति का किरदार निभाया, जो हर परिस्थिति में मुस्कुराते हुए जिंदगी जीने का संदेश देता है। फिल्म के संवाद और उनका अभिनय आज भी दर्शकों की आंखें नम कर देता है।
'अमर प्रेम' और अमर हो गया एक संवाद
1972 में रिलीज हुई 'अमर प्रेम' में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की जोड़ी को खूब पसंद किया गया। इस फिल्म का मशहूर संवाद "पुष्पा, आई हेट टीयर्स" भारतीय सिनेमा के सबसे लोकप्रिय संवादों में शामिल हो चुका है। भावनाओं से भरपूर इस फिल्म ने उन्हें अभिनय के शिखर पर पहुंचा दिया।
'कटी पतंग' ने फिर साबित की रोमांटिक हीरो की पहचान
'कटी पतंग' में राजेश खन्ना ने आशा पारेख के साथ शानदार अभिनय किया। रोमांस, संगीत और भावनात्मक कहानी से सजी यह फिल्म उनके करियर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। इसके गीत और कहानी आज भी दर्शकों को आकर्षित करते हैं।
'बावर्ची' में दिखा अभिनय का अलग रंग
रोमांटिक छवि से अलग हटकर राजेश खन्ना ने ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म 'बावर्ची' में 'रघु' का किरदार निभाया। परिवार, रिश्तों और जीवन मूल्यों पर आधारित इस फिल्म में उन्होंने साबित किया कि वे केवल रोमांटिक हीरो नहीं, बल्कि हर तरह के किरदार निभाने में सक्षम अभिनेता थे।
आज भी कायम है राजेश खन्ना का जादू
राजेश खन्ना का निधन हुए कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उनकी लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। नई पीढ़ी भी उनकी फिल्मों को उसी उत्साह से देखती है, जैसे उनके दौर के दर्शक देखा करते थे। उनकी फिल्में, गीत और संवाद भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर बन चुके हैं।
राजेश खन्ना ने अपने करियर में लगातार कई सुपरहिट फिल्में देकर यह साबित किया कि स्टारडम केवल सफलता से नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में बस जाने से मिलता है। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद करना केवल एक अभिनेता को श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के उस स्वर्णिम दौर को सलाम करना है, जिसने मनोरंजन की दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया।
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