thedailybihar.com

 



बिहार में भूमि अधिग्रहण नीति में बड़ा बदलाव: अब एक ही मौजा की सभी जमीनों को मिलेगा समान मुआवजा, किसानों को होगी राहत

पटना: बिहार सरकार भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने मुआवजा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी सरकारी परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाने वाली एक ही मौजा (राजस्व गांव) की सभी जमीनों के लिए एक समान मुआवजा दर तय की जाएगी। इससे एक ही गांव में अलग-अलग किसानों को अलग-अलग दर पर मिलने वाले मुआवजे की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

वर्तमान व्यवस्था में भूमि का मुआवजा सड़क, शहर या जिला मुख्यालय से दूरी के आधार पर तय किया जाता है। इसके कारण कई बार एक ही मौजा में स्थित दो किसानों की जमीन का मुआवजा अलग-अलग होता है। यही अंतर किसानों के बीच असंतोष और विवाद का कारण बनता है। कई मामलों में किसान मुआवजे की दर को लेकर विरोध-प्रदर्शन करते हैं और मामला राजस्व न्यायालय या अदालत तक पहुंच जाता है, जिससे परियोजनाओं के पूरा होने में देरी होती है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का मानना है कि यदि पूरे मौजा के लिए एक समान दर तय की जाती है तो मुआवजे को लेकर विवाद काफी हद तक खत्म हो जाएंगे। इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और सरकारी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

45 हजार एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण जारी

विभागीय जानकारी के अनुसार, राज्य में इस समय 45 हजार एकड़ से अधिक भूमि का अधिग्रहण विभिन्न परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है। इन परियोजनाओं पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

सबसे अधिक भूमि अधिग्रहण सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग, रेलवे, हवाई अड्डे, जल संसाधन, न्यायालय, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा अन्य विकास योजनाओं के लिए भी बड़ी मात्रा में जमीन अधिग्रहित की जा रही है।

नई नीति से क्या बदलेगा?

प्रस्तावित नीति के अनुसार अब मुआवजा तय करने में केवल सड़क या शहर से दूरी ही आधार नहीं होगी, बल्कि पूरा मौजा एक इकाई माना जाएगा। यानी एक ही मौजा में स्थित सभी किसानों की भूमि के लिए एक समान मुआवजा दर निर्धारित की जाएगी। इससे किसी किसान को अधिक और किसी को कम मुआवजा मिलने की स्थिति समाप्त होगी।

किसानों और सरकार दोनों को लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से किसानों में पारदर्शिता का भरोसा बढ़ेगा। वहीं सरकार के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आसान होगी। मुआवजे को लेकर विवाद और न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम हो सकती है, जिससे विकास परियोजनाओं की रफ्तार तेज होगी।

हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया में है। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नई मुआवजा नीति लागू की जाएगी। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो बिहार में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और विवादमुक्त बनने की उम्मीद है।

हैशटैग:

#Bihar #LandAcquisition #LandCompensation #BiharGovernment #RevenueDepartment #Farmers #Patna #Development #BreakingNews #DailyBihar


आप भी अपने गांव की समस्या घटना से जुड़ी खबरें हमें 7870192482 पर भेज सकते हैं...



Previous Post Next Post