नई दिल्ली। देश के करोड़ों मोबाइल उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने एक महत्वपूर्ण मसौदा जारी किया है। प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसे ग्राहकों को सस्ती मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराना है, जिन्हें इंटरनेट डेटा की आवश्यकता नहीं होती और जो केवल कॉल तथा एसएमएस का उपयोग करते हैं। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो टेलीकॉम कंपनियों को अलग से बिना डेटा वाले प्लान उपलब्ध कराने होंगे, जिनकी कीमत मौजूदा प्लानों की तुलना में काफी कम हो सकती है।
TRAI ने 'दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026' के मसौदे पर सभी संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इसके बाद अंतिम नियम जारी किए जाएंगे। नियामक का मानना है कि जिन उपभोक्ताओं को डेटा की जरूरत नहीं है, उनसे डेटा का शुल्क लेना उचित नहीं है। इसी सोच के तहत यह बदलाव प्रस्तावित किया गया है।
वर्तमान में अधिकांश टेलीकॉम कंपनियां कॉल, एसएमएस और डेटा को एक ही पैकेज में उपलब्ध कराती हैं। इससे ऐसे लाखों उपभोक्ताओं को मजबूरी में महंगे रिचार्ज कराने पड़ते हैं, जो स्मार्टफोन का सीमित उपयोग करते हैं या केवल कॉलिंग के लिए मोबाइल रखते हैं। नए नियम लागू होने के बाद कंपनियों को समान वैधता अवधि वाले अलग-अलग विकल्प देने होंगे, जिनमें केवल कॉल और एसएमएस की सुविधा होगी।
TRAI ने एक और अहम फैसला लेते हुए स्पष्ट किया है कि 1600 और 140 सीरीज के नंबरों को कॉल ब्लॉकिंग ऐप्स द्वारा स्वतः ब्लॉक नहीं किया जा सकेगा। 1600 सीरीज का उपयोग बैंकों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों और सरकारी सेवाओं से जुड़े जरूरी कॉल के लिए किया जाता है। वहीं 140 सीरीज का इस्तेमाल व्यावसायिक और प्रचार संबंधी कॉल के लिए होता है। हालांकि ग्राहक अपनी इच्छा से डीएनडी (Do Not Disturb) सेवा के माध्यम से 140 सीरीज के प्रचार कॉल बंद कर सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल रिचार्ज की कीमत में डेटा की हिस्सेदारी 50 से 70 प्रतिशत तक होती है। ऐसे में यदि केवल कॉल और एसएमएस वाले प्लान पेश किए जाते हैं, तो उनकी कीमत मौजूदा प्लानों की तुलना में काफी कम हो सकती है। इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, ग्रामीण उपभोक्ताओं और फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
TRAI का यह कदम उपभोक्ताओं की जरूरत के अनुसार सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। अब सभी की नजर अंतिम नियमों पर है, जिनके लागू होने के बाद देश में मोबाइल रिचार्ज का पूरा ढांचा बदल सकता है और लाखों ग्राहकों को सस्ते विकल्प मिल सकते हैं।
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