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PATNA (Roshan Jha) : पटना के बांकीपुर विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने जीत का जबरदस्त परचम लहराया और नितिन नवीन के परिवार का पिछले 31 वर्षों से कायम राजनीतिक साम्राज्य ध्वस्त कर दिया। बीजेपी के उम्मीदवार विजय कुमार सिन्हा और राजद की उम्मीदवार रेखा गुप्ता हार गईं। प्रशांत किशोर की जीत को लेकर अलग-अलग तरह के विश्लेषण किए जा रहे हैं और हर कोई अपनी-अपनी वजह बता रहा है। हमें लगा कि हमें भी इस पर बात करनी चाहिए कि आखिर प्रशांत किशोर क्यों जीत गए।

अभी छह महीने पहले ही बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न हुआ था। उस चुनाव में प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था। फिर इस बार ऐसा क्या हुआ कि नतीजे पूरी तरह बदल गए?

कल दिनभर मैं एन.एन. सिंह कॉलेज के बाहर भीषण बारिश के बीच मतगणना केंद्र से पल-पल की अपडेट लोगों तक पहुंचाता रहा। शाम करीब तीन बजे प्रशांत किशोर मतगणना स्थल पर पहुंचे। इसी बीच खबर आई कि बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं।

बीजेपी कार्यालय पहुंचने के बाद जो नजारा दिखा, वह अपने आप में हैरान करने वाला था। लगभग 40 से 50 पुलिसकर्मी गेट के बाहर और अंदर तैनात थे, ताकि किसी तरह की कोई अप्रिय घटना न हो। कई पुलिसकर्मियों के हाथ में लाठी-डंडे भी थे।

बातचीत के दौरान एक पुलिसकर्मी ने पूछा, "सर, प्रशांत किशोर जीत गए?" मैंने कहा, "हां, आप लोगों की कृपा से प्रशांत किशोर जीत गए।"

बेचारे ने आश्चर्यचकित होकर पूछा, "सर, हम लोगों ने क्या किया?"

तब तक एक महिला पुलिसकर्मी भी हमारी बातचीत में शामिल हो चुकी थीं। मैंने कहा, "जानती हैं मैडम, देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर और बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर आप लोगों ने जितनी लाठियां चलाईं, उसका जवाब छात्रों और उनके माता-पिता ने वोट के जरिए बीजेपी को दे दिया। ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार और कायस्थ समाज के एक बड़े वर्ग में भी नाराजगी दिखाई दी। मुसलमान और यादव मतदाता पहले से ही बीजेपी के साथ नहीं थे। ऐसे में कई मतदाताओं ने राजद के बजाय प्रशांत किशोर का समर्थन करने का फैसला किया। नतीजा आपके सामने है।"

"अगर लाठीचार्ज नहीं होता, तो शायद राजनीतिक माहौल कुछ अलग होता। आप लोग सरकार के आदेश पर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे, लेकिन राजनीतिक लाभ प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी को मिलता दिखा।"

"अब देखिए, भरत तिवारी के एनकाउंटर में कार्रवाई बिहार पुलिस ने सरकार के निर्देश पर की, लेकिन उसका राजनीतिक संदेश और लाभ प्रशांत किशोर तथा उनकी पार्टी को मिलता नजर आया। प्रशांत किशोर पहले दूसरी पार्टियों के लिए चुनावी रणनीति बनाते थे, लेकिन इस बार वे खुद चुनाव मैदान में थे, इसलिए माहौल बनाना भी उनके लिए जरूरी था।"

इसी बीच महिला पुलिसकर्मी ने पूछा, "सर, हार और जीत का यही एक कारण है या और भी वजहें हैं?"

मैंने जवाब दिया, "हैं ना मैडम। दूसरा कारण इंद्र भगवान भी हैं। चुनाव बरसात के मौसम में हुआ। नितिन नवीन ने अच्छा काम किया या बुरा, इस पर बहस हो सकती है। लेकिन बारिश के दौरान बांकीपुर हो या पटना का कोई और इलाका, वहां की स्थिति कैसी रहती है, यह हम और आप दोनों जानते हैं।"

इसी दौरान एक पुलिसकर्मी ने बीच में कहा, "देखिए सर, बीजेपी बहुत वर्षों तक सत्ता में रही है। अब लोग बदलाव चाहते हैं। और नीतीश कुमार को हटाकर इन्होंने बहुत बड़ी गलती कर दी।"

बातचीत चल ही रही थी कि तभी खबर आई कि प्रदेश अध्यक्ष ने सभी पत्रकारों को अपने केबिन में बुलाया है। मैं भागते-भागते वहां पहुंचा। उन्होंने बस इतना कहा, "बांकीपुर की जनता हमारी है और हम इस हार की समीक्षा करेंगे।"


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