विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत 30 जुलाई से होने जा रही है। इससे पहले बिहार में कांवरियों के स्वागत और उनकी सुविधाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। पटना में मंगलवार को मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री करेंगे। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 2850 बेड की टेंट सिटी तैयार की गई है।
मेले के दौरान सुल्तानगंज गंगा घाट पर लेजर और ड्रोन शो भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। इसके अलावा पूरे 30 दिनों तक अलग-अलग स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
2850 बेड की टेंट सिटी
कांवरियों के ठहरने के लिए सुल्तानगंज में 500, अबरखा में 600, घोरघट में 200, गौड़ियारी में 250, खैरा में 200, धोबई में 200, असरगंज में 300, तारापुर में 200 और संग्रामपुर में 200 बेड की टेंट सिटी तैयार की गई है।
इन शिविरों में शौचालय, स्नानघर, पेयजल और बिजली जैसी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी
श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने भी विशेष व्यवस्था की है। पटना समेत विभिन्न स्थानों से 12 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके अलावा श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए 200 से ज्यादा बसें भी चलाने की तैयारी है।
कांवरिया पथ पर दिखेगी बिहार की संस्कृति
इस बार कांवरिया पथ पर शिवमंत्रों के जाप के साथ बिहार की लोक संस्कृति और कला की झलक देखने को मिलेगी। 30 जुलाई से सावन के पहले दिन से देश के नामी और बिहार के कलाकार यहां अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
सुल्तानगंज से देवघर तक कांवरिया पथ पर जगह-जगह भव्य गेट और विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। अलग-अलग जिलों के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
बसों के लिए भी विशेष इंतजाम
श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, मुंगेर, बांका, देवघर समेत कई शहरों से बस सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम और निजी बस ऑपरेटरों के सहयोग से पटना और आसपास के जिलों से देवघर तक यात्रियों के लिए अतिरिक्त बसें चलाने की योजना है।
कुल मिलाकर इस बार श्रावणी मेले में धार्मिक आस्था के साथ बिहार की संस्कृति, आधुनिक तकनीक और बेहतर यात्री सुविधाओं का संगम देखने को मिलेगा।
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