नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। पिछले एक महीने से अधिक समय से सैकड़ों छात्र अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में आगे आ रहे हैं। इन्हीं घटनाओं के बीच नागालैंड के एक युवक की अनोखी पहल ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया है।
जानकारी के अनुसार, नागालैंड में रहने वाले एक युवक ने दिल्ली में धरना दे रहे छात्रों के लिए लगभग 150 फार्महाउस चीज़ बर्स्ट पिज्जा ऑर्डर किए। इन पिज्जा की कुल कीमत करीब 67,734 रुपये बताई गई है। युवक ने यह ऑर्डर ऑनलाइन माध्यम से दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर भिजवाया, ताकि लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों को भोजन मिल सके।
युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस पहल की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि वह नागालैंड में बैठा है, लेकिन जंतर-मंतर पर अपने "छोटे भाई-बहनों" को बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा के लिए संघर्ष करते देख बेहद भावुक हो गया। उसने कहा कि वह स्वयं वहां मौजूद नहीं हो सकता था, इसलिए अपनी ओर से छात्रों तक भोजन पहुंचाने का फैसला किया।
युवक ने अपने पोस्ट में यह भी बताया कि उस रात वह खुद भी ठीक से खाना नहीं खा सका, क्योंकि उसके मन में यह बात लगातार चल रही थी कि कई छात्र भूखे पेट आंदोलन कर रहे हैं। उसने डोमिनोज़ से किए गए ऑर्डर का स्क्रीनशॉट और बिल भी साझा किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
बताया गया कि जब डिलीवरी पार्टनर ने फोन कर पूछा कि इतने सारे पिज्जा किसे देने हैं, तो युवक ने कहा कि उन्हें उन छात्रों को दे दिया जाए जिन्होंने अब तक भोजन नहीं किया है। युवक के अनुसार, यह सुनकर डिलीवरी पार्टनर ने भावुक होकर कहा, "आप तो उन लोगों के लिए भगवान हैं।" इस प्रतिक्रिया ने भी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा।
युवक ने स्पष्ट किया कि उसने यह पोस्ट किसी शोहरत के लिए नहीं की, बल्कि इसलिए साझा की ताकि लोगों को यह संदेश मिल सके कि यदि इच्छा हो तो दूर बैठकर भी किसी की मदद की जा सकती है। उसके मुताबिक, यह आंदोलन केवल छात्रों का नहीं बल्कि देश के हर परिवार से जुड़ा मुद्दा है।
सोशल मीडिया पर इस पहल की जमकर सराहना हो रही है। कई यूजर्स ने इसे इंसानियत की मिसाल बताया। एक यूजर ने लिखा कि युवक ने सिर्फ पिज्जा नहीं भेजा, बल्कि संघर्ष कर रहे छात्रों का हौसला भी बढ़ाया। वहीं दूसरे यूजर ने लिखा कि ऐसे लोग समाज में मानवता पर भरोसा कायम रखते हैं।
नागालैंड के इस युवक की पहल ने यह साबित किया है कि संवेदनशीलता और सहयोग की भावना किसी दूरी की मोहताज नहीं होती। कठिन समय में छोटी-सी मदद भी किसी के लिए बड़ी राहत और हौसला बन सकती है।
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