नई दिल्ली: भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने लोगों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा था कि हाल ही में शुरू की गई देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव किया गया है। हालांकि, भारतीय रेलवे ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो का हाइड्रोजन ट्रेन से कोई संबंध नहीं है।
उत्तरी रेलवे ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो पुराना है और उसमें दिखाई दे रही ट्रेन हाइड्रोजन ट्रेन नहीं है। रेलवे के अनुसार, वीडियो में नजर आ रही ट्रेन WAG-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव से संचालित है, जबकि देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह अलग परियोजना के तहत चलाई जा रही है।
रेलवे ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट या भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी सूचनाओं को ही सही मानें। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया कि हाइड्रोजन ट्रेन अपने तय समय के अनुसार नियमित रूप से संचालन कर रही है और उसके साथ किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई है।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच संचालित हो रही है। लगभग 89 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड को उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के अंतर्गत विकसित किया गया है। इस परियोजना को भारत में स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल रेल परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन ट्रेन संख्या 74009 और 74010 के रूप में किया जा रहा है। यह ट्रेन करीब दो घंटे में जींद से सोनीपत की दूरी तय करती है और इसकी अधिकतम परिचालन गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा है। मार्ग में ट्रेन 12 स्टेशनों पर रुकती है, जिनमें जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भाम्बेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, गोहाना, राभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बरवासनी शामिल हैं।
समय-सारिणी के अनुसार, ट्रेन संख्या 74010 सुबह 7:40 बजे जींद जंक्शन से रवाना होकर 9:40 बजे सोनीपत पहुंचती है। वापसी में ट्रेन संख्या 74009 सुबह 10:40 बजे सोनीपत से चलकर दोपहर 1:00 बजे जींद जंक्शन पहुंचती है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई तकनीकों से जुड़ी परियोजनाओं के बारे में गलत सूचनाएं तेजी से फैलती हैं, इसलिए लोगों को किसी भी वायरल वीडियो या संदेश को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करनी चाहिए। भारतीय रेलवे ने दोहराया है कि हाइड्रोजन ट्रेन सुरक्षित है, नियमित रूप से चल रही है और वायरल वीडियो का उससे कोई संबंध नहीं है। इस स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव का दावा भ्रामक और तथ्यों से परे है।
Follow @Dailybiharliveआप भी अपने गांव की समस्या घटना से जुड़ी खबरें हमें 7870192482 पर भेज सकते हैं...

