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बिहार में पर्यटन को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार 18 जुलाई 2026 से "मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना 2026" की शुरुआत करने जा रही है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पर्यटक अब हेलीकॉप्टर के माध्यम से राज्य के प्रमुख धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों की यात्रा कम समय में कर सकेंगे। योजना का औपचारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे, जबकि टिकट बुकिंग की सुविधा आज से बिहार पर्यटन विभाग के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है।

इस योजना का संचालन पर्यटन विभाग और सिविल विमानन विभाग के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य राज्य में उच्च स्तरीय पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करना, देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ाना तथा धार्मिक और विरासत स्थलों को बेहतर हवाई संपर्क प्रदान करना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करने और पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

योजना के पहले चरण में वाल्मीकिनगर, कैमूर और राजगीर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को शामिल किया गया है। इन स्थानों तक हेलीकॉप्टर सेवा प्रत्येक शनिवार और रविवार संचालित होगी। पटना से वाल्मीकिनगर के लिए सुबह और दोपहर में उड़ानें उपलब्ध रहेंगी, जबकि राजगीर और कैमूर के लिए भी निर्धारित समय के अनुसार नियमित सेवाएं संचालित की जाएंगी। प्रत्येक उड़ान में अधिकतम पांच यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी, जिससे यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।

राज्य सरकार ने आम नागरिकों और पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए किराया भी रियायती रखा है। पटना से राजगीर तक प्रति व्यक्ति किराया चार हजार रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं वाल्मीकिनगर के लिए पांच हजार रुपये और कैमूर के लिए छह हजार रुपये तय किए गए हैं। इसके अतिरिक्त राजधानी पटना का हेलीकॉप्टर जॉय राइड भी शुरू किया जाएगा, जिसके लिए प्रति सीट 2,100 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। सरकार प्रत्येक टिकट पर अधिकतम 15,422 रुपये तक का अनुदान भी उपलब्ध करा रही है, जिससे यह सेवा अधिक लोगों की पहुंच में आ सके।

पर्यटन विभाग के अनुसार यह योजना बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर हेली-टूरिज्म और एयर-टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। तेज़ और सुविधाजनक हवाई यात्रा के माध्यम से पर्यटक कम समय में अधिक स्थानों का भ्रमण कर सकेंगे। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प, भोजन और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

इसी अवसर पर मुख्यमंत्री बोधगया में लगभग 165.44 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बौद्ध ध्यान एवं अनुभव केंद्र का भी शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई मजबूती प्रदान करेगी।


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