गुवाहाटी: असम में NEET-UG परीक्षा और देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन ने अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा तेज कर दी है। गुवाहाटी के चाचल में गुरुवार को छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग उठाई। इस प्रदर्शन में असम सरकार के वरिष्ठ मंत्री और असम गण परिषद (AGP) नेता केशब महंत की बेटी दिबिसा महंत की मौजूदगी ने पूरे घटनाक्रम को खास बना दिया।
प्रदर्शन के दौरान दिबिसा महंत अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ बैठी नजर आईं। उनके हाथ में पोस्टर और तख्तियां थीं। प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद उनकी भागीदारी चर्चा का विषय बन गई। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार से परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की।
चाचल में जुटे छात्र और युवा
गुवाहाटी का चाचल क्षेत्र निर्धारित प्रदर्शन स्थलों में शामिल रहा है। गुरुवार के प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और अन्य लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने NEET-UG से जुड़े कथित पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की मांग भी सामने आई।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन में कुछ प्रतिभागियों ने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से जुड़े नारे लगाए। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और CRPF की तैनाती भी की गई थी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
मंत्री की बेटी की मौजूदगी क्यों बनी चर्चा का विषय?
दिबिसा महंत की प्रदर्शन में भागीदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उनके पिता केशब महंत असम सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं और AGP के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। AGP असम में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन से जुड़े एक वरिष्ठ नेता की बेटी का छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होना राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, किसी प्रदर्शन में शामिल होना अपने आप में उनके पिता या उनकी पार्टी के आधिकारिक रुख का प्रतिनिधित्व नहीं करता। दिबिसा महंत की व्यक्तिगत भागीदारी को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
प्रदर्शन के दौरान दिबिसा महंत की मौजूदगी से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आए। इन वीडियो में उन्हें प्रदर्शनकारियों के बीच बैठकर पोस्टर और तख्तियों के साथ नजर आने की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए जाने का भी उल्लेख है। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या दावे की स्वतंत्र पुष्टि को लेकर सावधानी जरूरी है।
असम में बाढ़ के बीच प्रदर्शन
यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब असम के कई हिस्से बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हैं। राज्य में प्राकृतिक आपदा के बीच छात्रों का यह आंदोलन भी सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए परीक्षाओं में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। गुवाहाटी का प्रदर्शन भी दिल्ली में चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित कार्यक्रमों से जुड़ा बताया गया है।
दिबिसा महंत की मौजूदगी ने इस छात्र आंदोलन को असम की राजनीति के संदर्भ में नई चर्चा जरूर दे दी है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि NEET-UG से जुड़े आरोपों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर केंद्र सरकार आगे क्या कदम उठाती है।
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