दरभंगा: जिले के अलीनगर प्रखंड स्थित जयंतीपुर उत्क्रमित मध्य विद्यालय एक बार फिर चर्चा में है। स्कूल परिसर के समीप श्मशान घाट होने के कारण यहां पढ़ने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को भय के माहौल में पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हर महीने यहां 5 से 10 अंतिम संस्कार होते हैं। कई बार कक्षाओं के दौरान ही बच्चों को जलती चिताएं दिखाई देती हैं, जिससे वे मानसिक रूप से असहज और भयभीत हो जाते हैं।
विद्यालय में लगभग 414 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। शिक्षकों का कहना है कि अंतिम संस्कार के दौरान छोटे बच्चे घबरा जाते हैं और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती है। इस समस्या को लेकर प्रशासन को पहले भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है।
इस गंभीर मुद्दे के बीच स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र की समस्याओं को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में कितनी सक्रिय रही हैं। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि नियमित रूप से क्षेत्र का दौरा करें और लोगों से संवाद बनाए रखें, तो ऐसी बुनियादी समस्याओं के समाधान की दिशा में तेजी लाई जा सकती है।
हालांकि, विधायक की ओर से इस विशेष मामले पर क्या प्रतिक्रिया है या उन्होंने क्या कदम उठाए हैं, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अब स्थानीय लोगों और अभिभावकों की मांग है कि बच्चों के हित को देखते हुए स्कूल परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही श्मशान और विद्यालय के बीच उचित घेराबंदी या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि छात्रों को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा मिल सके। क्षेत्र के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस कार्रवाई करेंगे।
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